रतलाम जिले का हिस्ट्री जीके Ratlam History GK 2022 New Updated

रतलाम जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल

हेलो दोस्तों आज हम आपको मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का हिस्ट्री जीके के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसमें हम आपको बताएंगे की रतलाम जिले में कौन-कौन से पर्यटक स्थल स्थापित है।

चंबल नदी के किनारे स्थित रतलाम एक ऐसा जिला जिसे शिव नगरी या सेवनगरी या नमकीन नगरी के नाम से जाना जाता है । रतलाम अंगूर के उत्पादन में अपना प्रथम स्थान रखता है तथा यहीं पर अंगूर शोध अनुसंधान केंद्र या सिटी फोर विटीकल्चर की स्थापना की गई है। रतलाम स्थित सैलाना अभ्यारण में खरमोर पक्षी को संरक्षण दिया गया है। रतलाम की स्थापना सन 1829 में कैप्टन पार्थ बिक द्वारा की गई थी और यहीं पर गुलाब चक्कर संग्रहालय की स्थापना की गई है। रतलाम में जावरा शुगर मिल की स्थापना की गई है।

रतलाम जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल
देशभारत
राज्यमध्यप्रदेश
संभागउज्जैन
जिलारतलाम
जिला मुख्यालयरतलाम
तहसील5
विधानसभा8
रतलाम जिले के अन्य नामसेव नगरी, नमकीन नगरी
अंगूर अनुसंधान केंद्ररतलाम मध्य प्रदेश
अंगूर के उत्पादन को क्या कहते हैंविटीकल्चर
रतलाम नगर को किसने  बसायाराजा रतन सिंह ने
रतलाम की स्थापनाकैप्टन पार्थ बिक ने 1829 में रतलाम नगर की स्थापना की थी।
संग्रहालयगुलाब चक्कर संग्रहालय
अभ्यारणखरमोर पक्षी अभ्यारण
प्रसिद्ध उद्योगरतलाम जिले में नमकीन और साड़ी उद्योग प्रसिद्ध है

▶️रतलाम जिले का इतिहास

रतलाम मध्य प्रदेश के पश्चिम में स्थित है । यह राजस्थान की सीमा से सटा हुआ एक जिला है इस नगर को बसाने का श्रेय राजपूत राजा रतन सिंह को जाता है उनके नाम पर इस नगर का नाम रतन नगरी रखा गया था जो बाद में रतलाम हो गया। आधुनिक रतलाम शहर की स्थापना अंग्रेज अधिकारी कैप्टन पार्थ बिक ने की थी। रतलाम वर्तमान में अपनी नमकीन और साड़ी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। रतलाम को मध्यप्रदेश में सटोरियों का शहर भी कहा जाता है । मध्यप्रदेश में सर्वाधिक अंगूर का उत्पादन रतलाम जिले में ही होता है । मध्य प्रदेश सरकार ने इसी जिले में सैलाना पक्षी अभ्यारण की स्थापना की है। यहां पर खरमोर पक्षी का संरक्षण में किया जा रहा है । मध्य प्रदेश की सबसे ज्यादा एल्कोहल और कार्बन डाइऑक्साइड प्लांट यहीं पर लगाए गए हैं।

रतलाम जिले के सलाम नामक स्थान पर हर साल त्रिवेणी मेले का आयोजन होता है। दिल्ली की तर्ज पर मध्य प्रदेश के रतलाम में भी लोटस टेंपल बनाया गया है। मध्यप्रदेश में सेल घड़ी उद्योग सर्वाधिक मात्रा में रतलाम जिले की जावरा में स्थित है । मध्य प्रदेश सरकार ने माइल्ड स्टील और जी आई तार बनाने के कारखाने रतलाम जिले में स्थापित किए हैं । मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध विरुपाक्ष का शिव मंदिर इसी जिले के अंतर्गत आता है। रतलाम जिले के अंतर्गत 8 तहसील और पांच विधानसभा आती है। मध्य प्रदेश का अंगूर अनुसंधान केंद्र इसी जिले में स्थित है।

रतलाम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल निम्न है

🌏 सैलाना वन्यजीव अभ्यारण
🌏 ब्रीबोड जैन तीर्थ स्थल
🌏 कदरेश्वर मंदिर
🌏 कैक्टस उद्यान
🌏 ढोलवाडा बांध
🌏 कालिका माता मंदिर
🌏 महालक्ष्मी मंदिर
🌏 श्री रामेश्वर महादेव साईं मंदिर
🌏 विपलेश्वर मंदिर
🌏 हुसैन केकरी में इमाम हुसैन की दरगाह
🌏 विडमिल्स
🌏 कीर्तिस्तम्भ सैलाना
🌏 गढ़ का खगे माता मंदिर
🌏 खरमोर पक्षी अभ्यारण
🌏 गंगासागर
🌏 सागोड जैन मंदिर

➡️ सैलाना वन्य जीव अभ्यारण

यह वन्य जीव अभ्यारण मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना और पिपलोडा ब्लॉक में स्थित है। जो 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस वन्य जीव अभ्यारण में कई पक्षी प्रजातियों का घर है । यह जगह पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियां की रक्षा और उपचार के लिए बनाई गई है। अभ्यारण में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर के बीच होता है।

➡️ ब्रीबॉड जैन तीर्थ स्थल

यह मंदिर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित है। ब्रीबॉड तीर्थ स्थल जैन धर्म का एक प्रमुख स्थल है। यहां पर भगवान आदिनाथ की लगभग 2.49 फीट की प्रतिमा स्थापित है। यहां पर एक शिलालेख भी स्थित है जो 13 वी शताब्दी से पहले की अवधी का है।

➡️ कदरेश्वर मंदिर

कदरेश्वर मंदिर सैलाना गांव के एक मार्ग में एक शिव मंदिर है। यह शिव मंदिर सैलाना पैलेस से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और मानव निर्मित गुफा में स्थित है। मानसून के मौसम के दौरान यह जगह सबसे खूबसूरत होती है। इस मंदिर के आसपास का क्षेत्रफल एक लोकप्रिय पिकनिक स्थान हैं। लोग आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए यहां आते हैं । श्री नागेश्वर और पार्श्वनाथ तीर्थ मंदिर एक श्वेतांबर जैन मंदिर है जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर परशु नाथ को समर्पित है । यह मंदिर मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य की सीमा के जंक्शन रेखा पर स्थित है । यह मंदिर बहुत चमत्कारी माना जाता है। यहां 13 फीट की मूर्ति पन्ना पत्थर से बनी हुई है। मूर्ति 2850 साल पुरानी है इस मूर्ति के पास भगवान श्री शांतिनाथ स्वामी और भगवान श्री महावीर स्वामी की अन्य मूर्तियां भी है ।

➡️ कैक्टस उद्यान

यह रतलाम से 20 किलोमीटर की दूरी पर है इस बगीचे का निर्माण राजा दिग्विजय सिंह ने किया था । यह बगीचा लगभग 50 साल पुराना है और इसकी खूबसूरती अभी भी बरकरार है। इस बगीचे में कैक्टस की 1200 प्रजातियां पाई जाती है। यह मुख्य रूप से अमेरिका के विभिन्न देशों से आयात किए गए थे।

➡️ ढोलवाडा बांध

रतलाम के पश्चिम की तरफ दूर स्थित सरोज सरोवर बांध ढोलवाड़ा बांध के नाम से जाना जाता है। बांध शांत वातावरण के बीच स्थित और पर्यटकों को शांति पूर्ण माहौल प्रदान करता है। ढोलवाडा बांध में आप रेल मार्ग या सड़क मार्ग द्वारा आप आसानी से पहुंच सकते हैं।

➡️ कालिका माता मंदिर

रतलाम के स्थानीय क्षेत्र में स्थित यह देवी कालिका जी का मंदिर है। यह मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है और मंदिर में प्रतिदिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है।

➡️ महालक्ष्मी मंदिर

यह मंदिर रतलाम के मुख्य बाजार में स्थित है। यह मंदिर मां लक्ष्मी माता को समर्पित है। इस मंदिर में धनतेरस को बहुत भीड़ रहती है धनतेरस के दिन इस मंदिर को बहुत सजाया जाता है। यहा देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

➡️ श्री रामेश्वर महादेव साईं मंदिर

यह मंदिर रतलाम में त्रिपोलिया गेट के पास स्थित है। यहां पर साईं बाबा की मूर्ति स्थित है। यह मंदिर बहुत लोकप्रिय है रतलाम रेलवे स्टेशन से इस मंदिर की लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्टेशन है।

➡️ विपलेश्वर मंदिर

यह मंदिर रतलाम से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है । इस मंदिर का निर्माण 10 वीं शताब्दी में हुआ था इस मंदिर की वास्तुकला अद्भुत है।

➡️ हुसैन केकरी में इमाम हुसैन की दरगाह

यह दरगाह मोहम्मद इफ्तिखार खान द्वारा 19वीं शताब्दी में बनायी गयी थी। मोहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का यहां आना होता है इमाम हुसैन के दरगाह लोकप्रिय है। क्योंकि इसके संस्थापक मोहम्मद इफ्तेखार अली खान बहादुर और मोहम्मद इस्माइल की कब्र यहां मौजूद है।

➡️ विडमिल्स

यह रतलाम के जिले में स्थित मध्य प्रदेश का पावन टरबाइन केंद्र है। यह स्थान बहुत ही शांत है इसलिए यहां पर आपको शांति का अनुभव महसूस होता है। यह रतलाम रेलवे स्टेशन से 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

➡️ कीर्ति स्तंभ सैलाना

कीर्ति स्तंभ रतलाम के सैलाना में स्थित है जो नेशनल हाईवे 927 रतलाम से 20 किलोमीटर यात्रा करके पहुंचा जा सकता है। कीर्ति स्तंभ राजपूतों की ऐतिहासिक कहानी बताते हैं।

➡️ गढ़ खगे माता मंदिर

यह रतलाम से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है इस मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 45 मिनट लगते हैं। मंदिर की वास्तुकला बहुत अद्भुत है यह मंदिर स्थानीय लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है । मंदिर के आसपास दुकानें भी लगती हैं।

➡️ खरमोर पक्षी अभ्यारण

खरमोर पक्षी अभ्यारण मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना ग्राम में स्थित है। यह अभ्यारण 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है इसकी स्थापना 1983 में हुई थी यह खरमोर पक्षी का संरक्षण किया गया है यह एक दुर्लभ प्रजाति है इसी पक्षी के नाम पर इस अभियान का नाम रखा गया है

➡️ गंगासागर

सागर रतलाम में स्थित एक अच्छी जगह है । घूमने के लिए यहां पर आप अपने परिवार एवं दोस्तों के साथ आ सकते है यहां पर आप वोटिंग का मजा ले सकते हैं यहां की हरियाली , पहाड़ , फव्वारे और नदी सब बहुत आकर्षक लगती हैं आपको यहां शांति का अनुभव होगा।

➡️ सागोड जैन मंदिर

सागौर जैन मंदिर जैन भगवान से संबंधित है यह मंदिर भगवान आदिनाथ से संबंधित है। सागोड जैन मंदिर में मूर्ति कितने वर्ष पुरानी है । सागोड जैन मंदिर में मूर्ति 1000 वर्ष पुरानी स्थापित की गई है । शिव मंदिर रतलाम का प्रसिद्ध मंदिर है जो कि गांव में स्थित यह मंदिर छार गांव में स्थित है।

रतलाम जिले का हिस्ट्री जीके Ratlam gk

रतलाम जिले का हिस्ट्री जीके Ratlam History GK Related FAQ’s

🛑 खरमोर पक्षी अभ्यारण मध्य प्रदेश के किस जिले में स्थित है?
उत्तर- खरमोर पक्षी का संरक्षण रतलाम जिले में किया जा रहा है

🛑 प्रसिद्ध पर्यटक स्थल गंगा सागर मध्य प्रदेश की किस जिले में स्थित है?
उत्तर- गंगासागर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित है।

🛑 रतलाम सिटी किस अंग्रेज अधिकारी ने की थी?

उत्तर- सन 1829 में रतलाम शहर की स्थापना कैप्टन पार्थ बिक ने की थी।

🛑 खरमोर पक्षी का संरक्षण मध्य प्रदेश की किस अभ्यारण में किया जा रहा है?
उत्तर- खरमोर पक्षी अभ्यारण

🛑 जैन धर्म की 23वें तीर्थंकर कौन थे?
उत्तर- जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर परशुनाथ थे।

🛑 मध्य प्रदेश का अंगूर अनुसंधान केंद्र किस जिले में स्थित है?
उत्तर- रतलाम जिले में।

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